Wednesday, 31 August 2016

अजय से सील भी नहीं टूटी?

मैं रिक्की हूँ, मेरी मोबाइल की दुकान है। मैं पहली बार कहानी पोस्ट कर रहा हूँ। मेरी कहानी बिल्कुल सत्य है।
अजय और उनकी बीवी अंजलि मेरे घर के पास रहते हैं, उनका और हमारे परिवार में काफी आना-जाना है। उनके घर कोई काम होता तो हमें अवश्य बुलाते थे। अजय एक फैक्ट्री मैं काम करते थे और उनका ट्रांसफर हमारे शहर से 15 किलोमीटर दूर एक शहर में हो गया था।
एक दिन अंजलि भाभी का फ़ोन आया कि रिक्की को घर भेज देना।
कोई भी काम होता तो दोनों मुझ से ही कह देते थे। मैं भी खुशी से कर देता था। मेरे मन में किसी भी तरह के गलत भाव नहीं थे।

Monday, 29 August 2016

तड़फ़ाते बहुत हो- 2 अब चोद भी डालो ना

ज़िन्दगी का पहला प्यार कौन भूलता है,
ये पहली बार होता है जब कोई किसी को,
खुद से बढ़ कर चाहता है,
उसकी पसंद उसकी ख्वाहिश में खुद को भूल जाता है,
होता है इतना खूबसूरत पहला प्यार तो
क्यों अक्सर अधूरा रह जाता है?
पूनम ने कहा- देखो वीर आ जाना इसके लिए हम तुम्हें पैसे भी दे देंगे। मैंने कहा- नहीं यार पैसे की बात नहीं है। जो चीज दिल से की जाए वो पैसे से नहीं हो पाती।
अब आगे–

मेरी डार्लिंग सिस्टर-2

(इस कहानी के सभी पात्रों के विषय में यह स्पष्ट कर देना आवश्यक हैं कि सभी पात्र काल्पनिक हैं और इन सभी पात्रों के आपसी रिश्ते एक दुर्घटना के कारण, संयोगवश बने हैं, न कि वास्तविक हैं। कहानी में मुख्य पात्रों में आपस में कोई रक्त सम्बन्ध नहीं है। इसके विषय में कहानी के प्रथम भाग में विस्तृत रूप से लिखा गया है।)
सोनिया बोली- तुम तो मेरी सहेली तनीषा को जानते ही हो, उसने अपने घर पर कल रात हुए एक बहुत ही उत्तेजक घटना के बारे में मुझे बताया, जिसके कारण मैं बहुत गर्म हो गई हूँ। नीचे से पूरी तरह से गीली हो गई हूँ और मेरी पैंटी मेरी चूत के पानी से भीग गई है।"
"सच में डार्लिंग सिस, ऐसा क्या हुआ,